A.T.M मशीन का आविष्कार किसने और कब किया था?

Hello दोस्तों तो चलिए आज हम यह जानते हैं कि एटीएम मशीन का आविष्कार किसने और कब किया था? एटीएम मशीन आजकल की सबसे जरूरी मशीन है। एटीएम मशीन का उपयोग आजकल हर व्यक्ति करते हैं और इस मशीन से आजकल हर व्यक्ति भी वाकिफ है। एटीएम मशीन का उपयोग पैसे निकालने के लिए करते हैं। एटीएम मशीन काफी सेफ है। एटीएम मशीन हमारे लिए काफी उपयोगी है क्योंकि इसका उपयोग कर हमें जितना जरूरत होता है हम उतना पैसे एटीएम से निकाल सकते हैं।

A.T.M machin ka aavishkar kisane kiya tha

एटीएम से पैसे निकालने के लिए बैंक के तरफ से एक एटीएम कार्ड मिलता है। हम इसी एटीएम कार्ड से एटीएम मशीन में से पैसे निकालते हैं। हमें एटीएम मशीन से पैसे निकालने के लिए पहले एटीएम कार्ड को एटीएम मशीन में डालना पड़ता है फिर एटीएम मशीन के डिवाइस एटीएम कार्ड को रीड करती है और हमें पैसे निकाल कर दे देती है। दोस्तों क्या आपने कभी सोचा है कि एटीएम मशीन में पैसे कहां से आता हैं कई लोग सोचते हैं कि एटीएम मशीन के अंदर पैसे छापने वाली मशीन होती है और कई लोग तो यहां तक सोच लेते हैं कि एटीएम मशीन में एक आदमी बैठा रहता है जो पैसे निकाल कर देता रहता है।

 ऐसा कुछ भी नहीं होता है। एटीएम मशीन में बैंक के कर्मचारी आकर एटीएम में पैसे डालते हैं फिर उसमें लगे डिवाइसेज पैसों को आप तक पहुंचाते है। एटीएम मशीन दो तरह की होती है एक Withdraw एटीएम मशीन दूसरा ऑल इन वन एटीएम मशीन। Withdraw एटीएम मशीन से हम सिर्फ पैसे निकाल सकते हैं और ऑल इन वन एटीएम मशीन से हम पैसे निकाल भी सकते हैं और अपने बैंक खाते में पैसे जमा भी कर सकते हैं। 

ऑल इन वन एटीएम मशीन ज्यादतर बैंक के आसपास ही होता है। और Withdraw एटीएम मशीन रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, बाजारों में और भी कई सारे जगह पर होता है। Withdraw एटीएम मशीन को Basic A.T.M मशीन भी कहा जाता है। एटीएम मशीन से कई सारे फायदे हैं जैसे बैंक के लंबी-लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ता है। जिससे हमारा काफी टाइम बचता है। जब बैंक बंद होता है तो हम एटीएम मशीन से पैसे निकाल सकते है।

लोग अपनी जरूरत के हिसाब से पैसे निकाल कर बाकी सारा पैसा बैंक के खाते में जमा कर सकते हैं। इससे चोरी का डर भी नहीं होता है। एटीएम मशीन से पैसे निकालने के लिए आपका बैंक में खाता होना जरूरी है और उस खाते में पैसे भी हो ना उतना ही जरूरी है। भारत जैसे बड़े देश मे A.T.M मशीन आने से लोगों को काफी फायदा पहुंचा है क्योंकि भारत एक बहुत बड़ा देश है और इस देश की जनसंख्या भी ज्यादा है जिससे लोग बैंकों की लंबी कतारों में लगने से बच गए और उनका काफी सारा टाइम भी बच जाता है, तो चलिए जानते हैं कि A.T.M मशीन का आविष्कार किसने और कब किया था?

A.T.M मशीन का आविष्कार किसने किया था

एटीएम मशीन का आविष्कार John shepherd ने किया था John shepherd का जन्म भारत में हुआ था अब हम जानते हैं A.T.M मशीन के अविष्कार के इतिहास के बारे में।

A.T.M मशीन बनाने का प्रथम प्रयास

एटीएम मशीन बनाने का प्रथम प्रयास luther george simjian ने की थी उन्होंने 1939 में ही एटीएम मशीन तैयार कर ली थी इनके बारे में बताया जाता है कि luther g. simjian अमेरिका के नागरिक थे। इन्होंने अपने द्वारा बनाए गए एटीएम मशीन का नाम Bankmatic रखा था लेकिन लूथर ने अपनी एटीएम मशीन बनाने के बाद इसे बहुत से बैंक मे लागू करवाना चाहा लेकिन वह अपनी काफी प्रयासों के बाद भी अपने द्वारा बनाए हुए एटीएम मशीन का प्रयोग लागू नहीं करवा पाए।

इस कारण उनका एटीएम मशीन सफल नहीं हो पाया। बैंकों का इसके पीछे अपना तर्क था जो एक हद तक सही भी था। उनका मानना था कि पैसों का लेनदेन संवेदनशील मामला है और उनका कहना सही भी था। पैसों का लेन देन एक ऐसे मशीन के हाथ में देना जिसमें कुछ कमियां थी। इसके बाद लूथर ने लगातार 21 सालों तक एटीएम मशीन पर मेहनत करते रहे।

 ताकि उसकी सारी कमियों को दूर किया जा सके। उन्होंने 1960 में A.T.M मशीन को और बेहतर बनाया और इसके उपयोग के लिए एक बैंक मान भी गया। लेकिन अंतिम समय में बात बिगड़ने से लूथर की सारी मेहनत मिट्टी मे मिल गई। उसके बाद A.T.M मशीन के प्रयोग के उल्लेख इतिहास में लंदन और न्यूयॉर्क में मिलते हैं। इसे 1960 के दशक में Bankograph के नाम पर भी जाना जाता था। 

कुछ दावो के अनुसार सबसे पहले 1961 में सिटी बैंक ऑफ न्यूयॉर्क न्यूयॉर्क के न्यूयॉर्क शहर में ग्राहकों की सेवा में इसको चालू किया था। लेकिन ग्राहकों ने इसे अस्वीकार कर दिया फिर टोक्यो और जापान में 1966 में इसका उपयोग शुरू हुआ। जिसे भी वहां के लोगों द्वारा नकार दिया गया।

आधुनिक एटीएम मशीन की शुरुआत

Aadunik A.T.M machin ka aavishkar

आधुनिक एटीएम मशीन की शुरुआत 27 जून 1967 में लंदन के BARCLAYS BANK मैं किया गया था। उस समय बस कुछ ही ग्राहकों को इसका लाभ मिल पाया था उस समय आज के एटीएम कार्ड की वजाय क्रेडिट कार्ड का प्रयोग कर। सारी सेवाओं का लाभ उठाया जाता था। इस एटीएम मशीन के पहले ग्राहक Reg Varney बने थे जो कि एक कॉमेडी ऐक्टर थे। ये इंग्लैंड के निवासी थे। इंग्लैंड में बने इस आधुनिक एटीएम मशीन का श्रे John shepherd को जाता है। इस आधुनिक एटीएम मशीन को बनाने में इंजीनियर de la rue का भी उतना ही योगदान था।

John shepherd को A.T.M  मशीन बनाने का ख्याल कैसे आया

John shepherd का जीवनकाल अच्छा चल रहा था। 1 दिन अचानक उन्हें पैसों की जरूरत पड़ी तो बैंक जाने के लिए निकल गए। समय भी कम थे और रकम भी ज्यादा थी लेकिन दुर्भाग्यवश उनको बैंक पहुंचते-पहुंचते काफी समय हो चुका था और बैंक के कार्यकाल का समय भी खत्म हो चुका था। इस बात से John shepherd काफी निराश हुए। वह पूरे रास्ते सोचते हुए गए। 

कि ऐसा नहीं हो सकता हम किसी भी समय पैसों का लेनदेन कर सके तभी उनकी नजर एक चॉकलेट मशीन पर पड़ी। मशीन में पैसा डालने पर मशीन बच्चों को चॉकलेट दे देती थी। बस यही से उनका एटीएम मशीन बनाने का सिलसिला शुरू हो गया एटीएम मशीन बनाने में काफी अर्चने आई लेकिन उनका धैर्य कभी भी नही टूटा। 

एटीएम मशीन की सारी कमियों को दूर करते करते आखिरकार वो दिन आ ही गया। जिसका उनको इंतजार था और 27 जून 1967 को उन्होंने अपना पहला एटीएम मशीन पेश किया। भारत में एटीएम मशीन की शुरुआत मुंबई की एक शाखा में 1987 में किया गया था।

तो दोस्तों मैं आशा करता हूं कि यह आर्टिकल आपको अच्छा लगा होगा और समझ में भी आया होगा। यदि फिर भी कोई डाउट है तो कमेंट करके जरूर पुछे। इस आर्टिकल में हमने जाना कि एटीएम मशीन का आविष्कार किसने और कब किया। इसके अगले वाली आर्टिकल में हम किसी और रोचक चीज के बारे में जानेंगे। आर्टिकल पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

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