मोबाइल का आविष्कार किसने और कब किया?

Hello दोस्तो आज के इस पोस्ट में हम लोग ये जानेंगे कि मोबाइल का आविष्कार किसने और कब किया था? मोबाइल को आजकल कौन नहीं जानता भारत का बच्चा बच्चा मोबाइल का इस्तेमाल करता है आज के समय में मोबाइल लोगों के जीवन कि सबसे महत्वपूर्ण वस्तु बन गई है मोबाइल के बिना ज्यादातर लोगों का काम नहीं चलता आज हम ज्यादातर काम अपने मोबाइल से ऑनलाइन हीं कर लेते हैं और घंटों का काम मिनटों में हो जाता है। कुछ सालों पहले कीपैड यानी बटन वाले मोबाइल का चलन था लेकिन वर्तमान समय में स्मार्टफोन का चलन है।

स्मार्टफोन लोगों के जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है स्मार्टफ़ोन मे हम वीडियो, मूवी देख सकते हैं और अपने दोस्तों से वीडियो कॉलिंग या चैटिंग भी कर सकते हैं। जीस मोबाइल से व्हाट्सएप, फेसबुक ,टि्वटर और इंस्टाग्राम चलाते हैं जिस मोबाइल से हम दुनिया के किसी भी कोने में रह रहे लोगों से बात कर सकते हैं आज हम उसी मोबाइल को बनाने वाले व्यक्ति के बारे में जानेंगे। जबसे महामारी फैली है बच्चों की ऑनलाइन क्लास भी मोबाइल से ही होती है। कइ लोग तो ऐसे हैं जिनको मोबाइल चलाने की लत लग चुकी है और वह अपना सारा दिन मोबाइल में ही निकाल देता है। 

Mobile ka aavishkar kisane kiya tah

मोबाइल लोगों से बात करने का एक अच्छा जरिया है। आजकल के बच्चे भी मोबाइल के लत में फंस चुके हैं वे अपना सारा दिन फ्री फायर, पब्जी और कई गेम खेलने में गुजार देते हैं। भारत एक युवा देश है और भारत के ज्यादतर युवा मोबाइल के लत मे फंसे हुए है। यदि ऐसे ही भारत के युवा मोबाइल के लत में फंसे रहे तो भारत का भविष्य खतरे में आ सकता है। खैर चलिए अपने टॉपिक पर आते हैं और जानते हैं कि मोबाइल का आविष्कार किसने और कब किया था?

ये भी जाने-

बल्ब का आविष्कार किसने और कब किया था?

हीरे के 10 सबसे बड़े उत्पादक देश कौन-से हैं?

मोबाइल फोन का आविष्कार किसने और कब किया था?

मोबाइल का आविष्कार मार्टिन कुपर ने 3 अप्रैल 1973 को किया था मार्टिन कूपर अमेरिका के नागरिक थे जो मोटोरोला कंपनी में इंजीनियर के पद पर काम करते थे। उन्होंने इसी कंपनी में रहकर दुनिया के पहले मोबाइल फोन का आविष्कार किया इस मोबाइल के मॉडल का नाम Dyna Tec रखा गया। 

मार्टिन कुपर 1970 से ही वायरलेस मोबाइल बनाने में लग गए और आखिरकार 3 साल बाद उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने विश्व का पहला मोबाइल बना दिखाया लेकिन इस मोबाइल को 6 मार्च 1983 को बाजार में लाया गया क्योंकि इतना समय इस कंपनी की टीम ने इस मोबाइल को विकसित करने में लगाया। मार्टिन कुपर का जन्म 26 दिसंबर 1926 को हुआ था।

Martin cooper

दुनिया के पहले मोबाइल फोन का वजन कितना था?

जो लोग इतिहास में दिलचस्पी रखते हैं उनको यह जानने की इच्छा जरूर होती होगी कि दुनिया के पहले मोबाइल का वजन कितना था। दोस्तों जिस मोबाइल का आज आप उपयोग करते हैं वह काफी अच्छा है और हम इस फोन से बहुत सारे कार्य कर सकते हैं। आजकल के फोन का वजन भी ज्यादा नहीं होता। आराम से हमारी जेब में आ जाता है लेकिन जिस समय यह मोबाइल बना था।

 बस इससे कॉलिंग ही हो पाती थी और यह फोन काफी सीमित मात्रा में कार्य करता था आज आप जो अपने हाथ में मोबाइल चलाते हैं। वो ज्यादा से ज्यादा 200 ग्राम का होगा अगर आप उस समय के फोन के वजन के बारे में जानेंगे तो चौक जायेंगे मार्टिन कूपर के द्वारा बनाए गए मोबाइल फोन का वजन 2 किलोग्राम था यह वजन उस ईट के बराबर है जो मकान बनाने में काम आता है। आज की जैसी टेक्नोलॉजी उस जमाने में नहीं थी कि एक मोबाइल में सिर्फ 4 सेंटीमीटर की बैटरी 2 दिन तक चल जाए। 

दुनिया के पहले मोबाइल कीमत कितनी थी?

दुनिया पहले मोबाइल को बनाने में 3000 यूएस डॉलर का खर्चा आया था। यदि हम भारतीय रुपए में इसकी कीमत को कन्वर्ट करेंगे तो इसकी कीमत 222000 हो जाएगी यह आंकड़ा आज के आईफोन से भी महंगा है। उस समय यह मोबाइल काफी खास था क्योंकि इस मोबाइल से कोई व्यक्ति बैठे बैठे हजारों किलोमीटर दूर बातें कर सकता था। बाजार में इस फोन की कीमत 3995 अमेरिकी डॉलर थी।

ये भी जाने

भारत कि 10 सबसे बड़ी कंपनी कौन-सी है?

Nri क्या होता है?

भारत के 10 सबसे बड़े कॉलेज कौन-से है?

यानी भारतीय रुपए में लगभग ₹300000 के बराबर है इतना महंगा मोबाइल खरीदना किसी आम भारतीय की बस में नहीं था। यह मोबाइल इतना महंगा होने के बावजूद भी काफी भारी होता था और इसका बैटरी बैकअप सिर्फ आधे घंटे तक चलता था इस मोबाइल को फुल चार्ज करने में लगभग 10 घंटे का समय लगता था।

मोबाइल फोन भारत में कब लांच हुआ?

भारतीय बाजार में मोबाइल फोन को आने में लगभग 12 साल का समय लगा यानी भारत में पहला मोबाइल फोन 31 जुलाई 1995 में आया था। यह दुनिया का पहला मोबाइल फोन लॉन्च होने के बाद का है भारत की सरकार भी शायद यही चाहती थी कि भारत में मोबाइल फोन आए इसलिए यहां की सरकार ने दूरसंचार के विस्तार के लिए ट्राई की स्थापना की जिसका पूरा नाम टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया है। जितनी भी टेलीकॉम कंपनियां है जैसे vodafone,idea जिओ, एयरटेल यह सब ट्राई के अंदर कार्य करते हैं ट्राई ही वो संस्था है जो टेलीकॉम से जुड़ी कानून बनाती हैं।

भारत में पहला मोबाइल फोन किसने और कब खरीदा था?

भारत में पहला फोन कॉल उस समय के दूरसंचार मंत्री श्री सुखराम जी ने पश्चिम बंगाल के मंत्री श्री ज्योति बापूजी को किया था। यह कॉल 31 जुलाई 1995 में की गई थी।

दोस्तों मैं आशा करता हूं कि यह आर्टिकल आपको अच्छा लगा होगा और इस आर्टिकल से आपको कुछ जानकारी मिली होगी। अगर आपको कोई डाउट है तो कमेंट करके जरूर पूछ। मैं आपके डाउट का जवाब जरूर दूंगा। दोस्तों ऐसे ही इंटरेस्टिंग इंफॉर्मेशन हम इस वेबसाइट पर डालते रहते हैं। हमारे सारे आर्टिकल को पढ़ने के लिए इस वेबसाइट से जुड़े रहे। 

तो आज के इस आर्टिकल में हमने जाना कि मोबाइल फोन का आविष्कार किसने और कब किया था अगले आर्टिकल में हम यह जानेंगे कि भारत के 10 सबसे बड़ी कंपनियां कौन सी है? तो यूं ही हमारे आर्टिकल को पढ़ते रहिए और अपने ज्ञान को बढ़ाते रहिए यदि आपको हमारा आर्टिकल अच्छा लगा हो तो कमेंट करके जरूर बताएं। आर्टिकल पढ़ने के लिए धन्यवाद

ये भी जरुर पढ़ें-

A.T.M मशीन का आविष्कार किसने किया था?

दुनिया कि 10 सबसे ताकतवर आर्मी किस देश कि है?

दुनिया में कितने हिंदू देश है?

Post a Comment

Previous Post Next Post