इतिहास में दी जाने वाली 10 सबसे खतरनाक सजाएं

Hello दोस्तो आज के इस आर्टिकल मे हमलोग इतिहास मे दि जाने वाली 10 सबसे खतरनाक सजाओ के बारे मे जानेंगे। दोस्तों अपना पृथ्वी बहुत पुराना है और इस पर मानव जाति का जीवन भी लगभग करोड़ों वर्ष पुराना है। विश्व में मानव जाति का इतिहास काफी पुराना है और इतिहास में बहुत सारी घटनाएं भी हुई है। मानव का इतिहास इतना पुराना है कि अभी तक हम इनके इतिहास के कुछ हि तथ्य को जान पाए हैं। ऐसी कई सारे इतिहास के तथ्य है जिससे आज का मानव लगभग अपरिचित है। 

आज हम आपको इतिहास में दी जाने वाली 10 ऐसे सजाएं के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी। आप लोग भी सोचने लगेंगे कि पहले के लोग कितने क्रूर होते थे कि कैदियों को इतनी खतरनाक सजा देते थे। प्राचीन समय की सजाएं कैदियों की गुनाह को देख कर दिया जाता था। जितना बड़ा गुनाह होगा सजा भी उतना ही बड़ा होगा। हालांकि आज के समय में भी दोषी के गुनाह को ही देखकर सजा दिया जाता है लेकिन आज के सजा प्राचीनकाल जैसे क्रुरता और भयावह तरीके से नहीं दी जाती है।

Itihas me di jane wali 10 sabse khatarnak sajae

दोस्तों प्राचीन काल के राजा महाराजा लोग अपने गद्दी और राज्य की सुरक्षा में थोड़ी सी भी चूक बर्दाश्त नहीं करते थे। ज्यादातर मामलों में यदि दुश्मन का कोई जासूस पकड़ा जाता था तो उसे मौत की सजा ही दी जाती थी और मौत भी ऐसी की दोषी मरने के लिए तड़प उठता था प्राचीन काल की सजाएं  इतनी भयानक होती थी। तो चलिए दोस्तों अब हम आर्टिकल शुरू करते हैं और जानते हैं इतिहास में दी जाने वाली 10 सबसे खतरनाक सजाओ के बारे में।

इतिहास में दी जाने वाली 10 सबसे खतरनाक सजाओ के बारे मे

1). सीमेंट के पैर

अमेरिका के माफियाओं द्वारा इस प्रकार के सजा को शुरू किया गया था वे ऐसा करके अपने दुश्मनों और जासूसों को सजा देते थे इस सजा के अंतर्गत पकड़े गए लकड़ी के पेड़ों को सीमेंट से जमा करें गहरे पानी में नदी में फेंक दिया जाता था जिसके कारण पानी के भीतर ही कैदी की तड़प-तड़प के मौत हो जाती थी।

2). रैक द्वारा सजा

रैक लकड़ी के फ्रेम से बना एक बहुत ही लोकप्रिय यातना उपकरण था जिसमें दोषी के अंगों को जंजीरों के साथ दोनों हाथ पैरों को जोड़ा जाता था और पुलियो एवं रोलर की मदद से इंसान के शरीर को तब तक खींचा जाता था जब तक उस इंसान के शरीर के कई भाग न कर दें। ज्यादातर इसका उपयोग सूचनाओं का प्रसार करने के लिए किया जाता था।

3). पक्षियों द्वारा कटवाना

जो व्यक्ति दोषी होता था उसको पेड़ से टांग कर जीवित अवस्था में हि शिकारी पक्षियों से कटवाया जाता था। शिकारी पक्षी उस व्यक्ति के जिंदा रहते हि उसके शरीर का सारा मांस खा जाते थे। उस समय मतलब मध्य युग के लोगों का यह एक मनोरंजन का साधन भी था। जिसे देखने के लिए दूर-दराज से लोग आया करते थे।

4). हाथियों द्वारा कुचलना

दोषी व्यक्ति के सिर को हाथी द्वारा कुचलवाना। प्राचीन भारत और एशियाई देशों में बहुत ही लोकप्रिय सजा थी इस पूरी प्रक्रिया को करवाने के लिए हाथी को विशेष रूप से ट्रेनिंग दी जाती थी और हाथी भी पूरे ट्रेंड होते थे जो कैदी की धीरे-धीरे सारे अंगों को कुचलवाकर अंतिम में सिर को कुचलते थे और जब सिर कुचलता है तब क्या होता है वह तो आपको मालूम ही है।

5). गर्म तेल से मौत

सबसे क्रूर सजाओ में से इसे एक माना जाता है जिसमें आदमी के किसी अंग पर गर्म तेल या गर्म पानी डाला जाता था फिर कैदी की आंखों में पीघली हुई गर्म जाली को डाला जाता था। यह प्रक्रिया बहुत ही कष्टदायक होती थी जिसमें व्यक्ति धीरे-धीरे दर्द से कराहता हुआ। अपनी अंतिम सांसे लेता था। हालांकि यह सजा अन्य सजाओ की तरह लोकप्रिय नहीं था लेकिन यूरोप और एशिया में इस सजा के अपने दर्शक थे।

6). द टब 

इस प्रकार के सजा में अपराधी को लकड़ी के टब में बैठा दिया जाता था इस प्रक्रिया में अपराधी का सिर्फ सिर हि टब के बाहर रहता था बाकी उसका सारा अंग टब के अंदर ही रहता था फिर सजा देने वाला उसके सिर पर शहद और दूध लगा देता था जिसे सुंघकर मधुमक्खी या चीटियां आकर उसके पूरे शरीर को सुन कर देते थे फिर उस अवस्था के कारण वह कैदी कुछ ही समय में मर जाता था।

7). नुकीली वस्तु पर बैठाना

15 वी शताब्दी में रोमानिया में इस सजा का चलन था जिसमें अपराधी को एक नुकीले डंडे पर बैठा कर उसे ऊपर की ओर उठा दिया जाता था धीरे-धीरे यह डंडा अपराधी के शरीर में घुस जाती थी और अपराधि चाह कर भी 3 दिन में ही मरता था।

8). द ब्रजेन बुल

प्राचीन ग्रीक द्वारा डिजाइन किया गया। बैल जिसे सिसिली बुल भी कहा जाता था क्योंकि इसका आविष्कार सिसिली में हुआ था। यह बैल पीतल धातु से बना हुआ था इस प्रक्रिया में निंदा करने वाले लोगों को बेल के अंदर बैठा दिया जाता था और बैल के नीचे आग लगा दी जाती थी इस बैल को तब तक गर्म किया जाता था जब तक अंदर का आदमी अच्छे से जल ना जाए। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस बैल के अंदर एक ऐसी प्रणाली भी थी जो अंदर की चिल्लाहट को बैल के आवाज में निकालती थी।

9). चूहों से कटवाना

इस सजा के विधि का प्रयोग प्राचीन समय में बहुत से देशों में होता था। इससे सजा में एक खाली डिब्बे में चूहों को भड़  कर आदमी के पेट पर रखा जाता था फिर डिब्बे को बाहर से गर्म किया जाता था अंततः चूहे को रास्ता ना मिलने के कारण वह अपने नुकीले जातो से आदमी के अंगों को काटता था इस विधि में मौत भी हो जाती थी।

10). सूली पर लटकाना

इस सजा के दौरान दोषी को क्रॉस पर लटका कर उसके हाथों और पैरों में किल्ले ठोक दिए जाते थे और सूली से आदमी के शरीर पर मारा जाता था  इसी विधि द्वारा ईसा मसीह को सजा दी गई थी।

तो दोस्तों आपने देखा कि पहले के लोग कितने क्रुर होते थे जो इतनी भयानक सजा को खुलेआम देखते थे। हम ऐसे भी कह सकते हैं कि जैसे आज के लोग स्टेडियम में खेल देखने जाते हैं वैसे ही पुराने जमाने के लोग स्टेडियम में दोषी को दी जाने वाली सजा को देखने जाते थे तो दोस्तों आज कि इस आर्टिकल में हमने इतिहास में दी जाने वाली सजाओ के बारे में जाना अगले आर्टिकल में हम कोई और रोचक जानकारी के बारे में जानेंगे। ऐसे ही ही हमारे लेखों को पढ़ते रहिए। आर्टिकल्स पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

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